Friday, 24 May 2013

बुध्दम् शरणम् गच्छामि

असत् त्याग सत पथ पर जायें
तम को त्याग ज्योति बिखरायें ।
हम सब मिलकर फिर यह गायें
बुध्दम्     शरणम्    गच्छामि ।

मानव  तन  सार्थक  हो अपना
हम सबका  है  एक  ही  सपना ।
परम पिता  को  हम  पा  जायें
बुध्दम्    शरणम्     गच्छामि ।

पर  - उपकार  हो  जीवन  मेरा
प्रतिदिन हो  फिर नया  सवेरा ।
पावन -  प्रेम  में  सभी  नहायें
बुध्दम्    शरणम्    गच्छामि ।
संघम्     शरणम्    गच्छामि ।
धम्म्म्   शरणम्    गच्छामि ।

             शकुन्तला शर्मा , भिलाई [छ ग ]
श्री लंका प्रवास में बुद्ध मंदिर में

4 comments:

  1. भगवान बुद्ध को नमन..आभार!

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  2. दिल को छू गई सुप्रभात
    निःशब्द करती

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  3. मध्म मार्ग को सुलझा पायें,
    बुद्धं शरणं गच्छामि।

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